इस तरह से ख्वाबों मैं खोएं हैं हुम..
उनके ख़यालोँ में राहे तक्तें हैं हम
दिल के दरवाज़ा खोल बैटें हैं हम
इंतज़ार मैं बीते हर एक् लम्हे
सोचते हैं उनसे कब मिलेंगे हम
सीधी-साधी सी भोली हैं वो
मुस्काते दिल को चुराती वो
देखे थो देखते ही रेहना चाहे
उतनी प्यारी सी परी हैं वो
दिल चाहे अपना बनाये हम
एक् बार दिल की बात समजे
खुशी भेंट दे ज़िन्दगी मैं लपेट
उनको जान से लगाये रखे हम
2 comments:
February 8, 2009 at 10:59 PM
Badhiya hai...aakhir hai kaun wo?!! :) Good one dude!
February 9, 2009 at 10:14 AM
woh hai koi pata karna padega jald se jald :)
Thnxz dude..
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