मै यहाँ .. घर से दुर ...

जब आए थे हम इस जहाँ मै

होते हम अकेले बिन तुम्हारे

पहले पहल तुमने सिखाया हँसना

तुमने बनायी पेह्चान हमारी


पेह्चान बनि मेरी ज़िंदगी मै और खुशिया आगयी

बन गया एक छोटा सा खुशी खा माहोल

इस खुशी खा माहोल मै भी हम थे बड़े शैतान

इस शैतानी मै ही जी रहा था

ज़िंदगी ले आगयी इस मोड़

मोड़ कुछ ऐसा था के आगया मै

इम्मारातोंकी इस दुनिया मै माँ से कहीं दुर

मै जब भी पुकारता हूँ माँ आती हे मन मै

छुपी माँ की तस्वीरे इन आन्खोंके सामने

लबोंपे मुस्कान लेकर हौसला देती हे कुछ कर दिखाने कि


आपसे दूर रहकर भी हे आप का प्यार मेरे साथ

मेरे पास ही रहता हे ओ मेरी प्यारी माँ आपका आशीर्वाद

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