एहसास

सोच मै था इस पल मै . . . ना होते भी थी उनकी एहसास . . .अब हसू या उनकी सोच मै खो जावूं

कई दिनोंकी थी उनकी सोच
चलना था लेकर हमको संग
साथ देने का था उसका वादा
बिताना था पलों का एहसास

लबोम्पे जो मुस्कान लाती वो
आंखों आन्खोंसे कुछ कहती वो
सोचा करती थी कही लगे ना
मन खो उदासी का एहसास

तरसने लगी उनकी हँसी देखने
हर पल घूंज्ती आवाज़ उनकी
मिलने बेचैन हुआ करता था
संभाल ना पाया दिल का एहसास

देखते उनको मचलता ये मन
खुशी जो उमड़ती बुलाके ग़म
वक्त बीते बिन बताये उनके संग
दिल चाहता हर पल ये एहसास

1 comments:

  Naren

June 14, 2008 at 12:36 AM

superbb man ...keep it up :)

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