सोचा करता था उनके बारे में जब भी ... मन ये कहता हे अब भी...उनका अंदाज़ ही हे इस तरहा.. समां पाये हम किस तरहा....
चाहत हैं आपको चाहने की
जानते नही हम आपकी चाहत
जब भी दिल ये केहेना चाहे
डरसा लगता इनकार ना करदो
दिल हे हर वक्त करता इन्तेज़ार
आपकी आंखोंमे खो जाने को
पल पल तरसती हे ये आंखे
देखने आपके चेहरे पे मुस्कान
गुजरते पल आपका साथ हो
मोम जैसे मुश्किल जो पिगले
झोंकोंसा आए खुशी के लहरें
वो पल जब आप हो मेरे संग
2 comments:
June 18, 2008 at 9:58 PM
Hatrick hindi kavanakke abhinandanegaLu...
sikkamEle ellaa kavanada artha maaDisu :D
June 19, 2008 at 9:39 AM
Thnxz buddy :)
he he he sure buddy wil make u understand the mean of it :)
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